सूरह फील (105) हिंदी में | Al-Feel in Hindi

सूरह फील “Al-Feel”

कहाँ नाज़िल हुई:मक्का
आयतें:5 verses
पारा:30

नाम रखने का कारण

पहली ही आयत के शब्द “असहाबिल-फील” (हाथी वालों) से उद्धृत है।

अवतरणकाल

इस पर मतैक्य है कि यह सूरह मक्की है और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को यदि दृष्टि में रख कर देखा जाए तो प्रतीत होता है कि इसका अवतरण मक्का मुअज्ज़मा के आरम्भिक काल में हआ होगा।

सूरह फील (105) हिंदी में

अल्लाह के नाम से जो बड़ा ही मेहरबान और रहम करने वाला है।

  • (1) तुम ने देखा नहीं कि तुम्हारे रब ने हाथी वालों के साथ क्या किया?
  • (2) क्या उसने उनके उपाय को अकारथ नहीं कर दिया?
  • (3) और उन पर पक्षियों के झुंड के झुंड भेज दिए।
  • (4) जो उनके ऊपर पकी हुई मिट्टी के पत्थर फेंक रहे थे।
  • (5) फिर उनका यह हाल कर दिया जैसे (जानवरों का) खाया हुआ भूसा

एक टिप्पणी भेजें