सूरह नास (114) हिंदी में | Al-Naas in Hindi

सूरह नास “Al-Naas”

कहाँ नाज़िल हुई:मक्का
आयतें:6 verses
पारा:30

अल्लाह के नाम से जो बड़ा ही मेहरबान और रहम करने वाला है।

  • (1) कहो, मैं पनाह माँगता हूं, इन्सानों के रब।
  • (2) इन्सानों के बादशाह ।
  • (3) इन्सानों के वास्तविक पूज्य की।
  • (4) उस वसवसे (भ्रम) डालने वाले की बुराई से जो बार-बार पलट कर आता है।
  • (5) जो लोगों के दिलों में वसवसे डालता है।
  • (6) चाहे वह जिन्नों में से हो या इन्सानों में से।

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